रिपोर्ट / विमल सिंह बरेली
प्रार्थिनी रामदेई के अनुसार, ग्राम खमरिया स्थित गाटा संख्या 596 के पास से पूर्व दिशा की नहर से पश्चिम दिशा की ओर जाने वाली यह सरकारी गूल वर्षों से सिंचाई के लिए उपयोग में लाई जाती रही है। उनका आरोप है कि हल्का लेखपाल ने उनके खेत में मिट्टी डलवाकर इस गूल को पाट दिया। वहीं, गांव के अन्य लोगों के खेतों में मौजूद ऐसी ही गूलों को न तो खुलवाया गया और न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई।
महिला ने लेखपाल पर गांव के कुछ दबंगों से मिलीभगत कर सरकारी गूल को समाप्त करने और उनके खेत की स्थिति खराब करने का आरोप लगाया है। रामदेई का कहना है कि विरोध करने पर लेखपाल ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, धमकी दी और झूठे मुकदमे में फंसाने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका नल तक उखड़वा दिया गया।
रामदेई ने बताया कि उन्होंने इस मामले में पहले भी तहसील दिवस, उपजिलाधिकारी बहेड़ी और सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें की थीं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर उन्होंने एक बार फिर सम्पूर्ण समाधान दिवस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और किसी अन्य लेखपाल व कानूनगो से मामले की जांच कराकर सरकारी गूल को उसकी मूल स्थिति में बहाल कराने की मांग की है।
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