संवाददाता विमल सिंह बरेली BREAKING RV NEWS
भारतीय किसान यूनियन (भानु) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्र के किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। यूनियन ने बिजली, पानी निकासी, फसलों के भुगतान और खाद की किल्लत जैसी समस्याओं के समाधान के लिए 22 जुलाई 2026 को बिजली विभाग का महाघेराव करने की चेतावनी दी है।
बैठक में मुख्य रूप से बिजली की भारी किल्लत, ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उचित निकासी का अभाव, फसलों के समय पर भुगतान न मिलना और खाद की गंभीर कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इन समस्याओं को लेकर किसानों में भारी रोष देखा गया।
यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में अधिशासी अभियंता (एक्सियन) को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें क्षेत्र की जर्जर 'बुढ़िया लाइन' और अन्य पुरानी बिजली लाइनों को बदलने, साथ ही ओवरलोड वाले गाँवों में नए व बड़े ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, प्रशासन और विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, मीटरों की ओवर-रीडिंग और कम लोड के कनेक्शन पर भी अधिक बिल थमाकर किसानों के कथित शोषण जैसे गंभीर आरोपों पर भी चर्चा की गई।
संगठन ने प्रशासन और बिजली विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 22 जुलाई 2026 से पहले इन सभी जनसमस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो उस दिन बिजली घर का विशाल महाघेराव किया जाएगा। यूनियन ने घोषणा की कि यह धरना-प्रदर्शन एक दिवसीय न होकर 'समस्या से समाधान तक' अनिश्चितकालीन रहेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की होगी। संगठन ने किसानों की समस्याओं के निपटारे के लिए तत्काल जगह-जगह कैंप लगाने की भी मांग की है।
बैठक में ठाकुर अनुज सिंह (युवा प्रदेश अध्यक्ष), नितिन सिरोही (प्रदेश प्रभारी), जुबैर सिद्दीकी (प्रदेश प्रवक्ता), ताहिर बाबा (प्रदेश उपाध्यक्ष), गुड्डू भाई, शुभम और समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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