संवाददाता विमल सिंह बरेली
बरेली भुता - विकास खंड भुता की ग्राम पंचायत खंडसरा ता० कौआखेड़ा में ग्राम प्रधान और सचिव की लापरवाही ने एक गरीब महिला को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से 2 साल से वंचित कर रखा है। जांच में पूरी तरह पात्र पाए जाने के बावजूद महिला का नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं किया गया। मामला सामने आते ही BDO ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर दी है।
*IGRS जांच में खुला राज*
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत संख्या 92315000018955 के निस्तारण में खण्ड विकास अधिकारी, भुता ने अपनी आख्या पत्रांक 758/शिकायत सन्दर्भ/आख्या/2022-23 दिनांक 15.06.2023 में बड़ा खुलासा किया है।
शिकायतकर्ता विमला देवी पत्नी रमनपाल, निवासी ग्राम कौआखेड़ा ने प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी। स्थलीय सत्यापन में पाया गया कि आवेदिका का घर कच्चा बना हुआ है और वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के मानकों पर पूरी तरह *पात्र* हैं।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि आवेदिका का परिवार वर्तमान में प्रचलित पात्रता सूची में शामिल ही नहीं है। BDO ने बताया कि वर्तमान समय में सूची में नए परिवारों को जोड़ने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विमला देवी का नाम कार्यालय स्तर पर *संरक्षित* कर लिया गया है। भविष्य में सूची खुलने पर नाम जोड़कर लाभ दिलाने की बात कही गई है।
*पीड़िता बोली- 'अफसरों के चक्कर काट-काटकर थक गई'*
विमला देवी का कहना है कि वह पिछले 2 साल से ब्लॉक और तहसील के चक्कर काट रही हैं। 'मेरा घर गिरने को है, बरसात में रातभर जागना पड़ता है। जांच में पात्र भी पाई गई हूं, फिर भी मेरा नाम सूची में नहीं डाला गया। अब कह रहे हैं सूची बंद है। गरीब का हक कब मिलेगा?'
*BDO अर्जुन सिंह बोले- 'त्काल हो कार्रवाई, न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं'*
मामले पर खण्ड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह ने कहा,
'यह गंभीर लापरवाही है। जब जांच में महिला पात्र पाई गई है तो ग्राम पंचायत स्तर पर नाम क्यों नहीं जोड़ा गया? यह प्रधान और सचिव की जिम्मेदारी थी। मैंने जिलाधिकारी महोदय से अनुरोध किया है कि प्रकरण को निस्तारित कर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। पीड़ित महिला को प्राथमिकता के आधार पर आवास दिलाया जाए। गरीबों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
*स्थानीय लोगों में आक्रोश, तुरंत कार्रवाई की मांग*
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम स्तर पर लापरवाही के कारण पात्र लोग योजना से वंचित हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि ग्राम प्रधान और सचिव पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई हो और विमला देवी को विशेष प्रकरण मानते हुए तुरंत आवास की स्वीकृति दी जाए।
BDO ने जिलाधिकारी बरेली से अनुरोध किया है कि प्रकरण को निस्तारित करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए, ताकि पीड़ित महिला को जल्द न्याय मिल सके।
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