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लखनऊ में किसानों के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से हुई उच्चस्तरीय वार्ता-भाकियू (भानु)

संवाददाता l विमल सिंह 

लखनऊ में किसानों की आवाज़ बुलंद — कृषि मंत्री के समक्ष केसर शुगर मिल का ₹182.30 करोड़ बकाया प्रमुखता से उठाया, ऊर्जा मंत्री से 11 केवी जर्जर लाइन हटाने की मांग

लखनऊ।

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में युवा प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनुज सिंह ने अपनी टीम प्रदेश प्रभारी नितिन सिरोही, प्रदेश प्रवक्ता ज़ुबैर सिद्दीकी, प्रदेश सचिव इरशाद अहमद एवं अमान के साथ लखनऊ में किसानों के ज्वलंत मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही जी एवं ऊर्जा मंत्री ऐ. के. शर्मा जी से अलग-अलग मुलाकात कर किसानों की समस्याओं को विस्तार से रखा तथा तत्काल कार्रवाई की मांग की।
उपमुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर भेंट
प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर भेंट कर केसर शुगर मिल प्रकरण में किसानों के साथ हुए कथित छल, ₹182.30 करोड़ गन्ना बकाया, आरसी जारी होने के बावजूद भुगतान न होने तथा मिल प्रबंधन एवं स्थानीय प्रशासन की कथित मिलीभगत से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा किसानों को शीघ्र न्याय और बकाया भुगतान दिलाने की मांग करते हुए विस्तृत मांग-पत्र भी सौंपा।

कृषि मंत्री के समक्ष केसर शुगर मिल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया

प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्री को अवगत कराया कि बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल पर किसानों का ₹182.30 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है। गन्ना आयुक्त द्वारा 26 मई 2025 को आरसी (वसूली प्रमाण-पत्र) जारी किए जाने के बावजूद आज तक किसानों को उनका वैधानिक भुगतान नहीं मिला। हजारों किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि मिल प्रबंधन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

कृषि मंत्री से मांग की गई कि—

₹182.30 करोड़ का समस्त गन्ना बकाया तत्काल किसानों के खातों में दिलाया जाए।

26.05.2025 को जारी आरसी की प्रभावी वसूली कराई जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मिल की संपत्तियों के कथित अनियमित विक्रय, फर्जीवाड़े एवं किसानों के हितों से जुड़े सभी मामलों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

किसानों के हितों की रक्षा हेतु पूरे प्रकरण की समयबद्ध मॉनिटरिंग कराई जाए, ताकि वर्षों से लंबित भुगतान का स्थायी समाधान हो सके।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि किसानों के पसीने की कमाई पर किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री के समक्ष किसानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

ऊर्जा मंत्री को बताया गया कि सकरस–मितापुर जागीर–बिजौरिया–जसाईनगर–ऐंठपुरा होते हुए अलीगंज तक खेतों और जंगल के बीच से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन अत्यंत जर्जर हो चुकी है। आए दिन तार टूटने, फॉल्ट होने और बिजली बाधित रहने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं तथा खेती के दौरान किसानों, मजदूरों और पशुओं के साथ गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

ऊर्जा मंत्री से मांग की गई कि—

11 केवी लाइन को खेतों एवं जंगल से हटाकर सड़क किनारे स्थानांतरित किया जाए।

पूरी लाइन के जर्जर तार, क्षतिग्रस्त पोल एवं उपकरण तत्काल बदले जाएं।

बरसात को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी निरीक्षण कर स्थायी सुधार कार्य कराया जाए।

किसानों की सुरक्षा एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस कार्य को समयबद्ध योजना के तहत पूरा किया जाए।


युवा प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अनुज सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (भानु) किसानों के प्रत्येक अधिकार की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है। प्रदेश प्रभारी नितिन सिरोही ने कहा कि सरकार से अपेक्षा है कि किसानों की समस्याओं पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल ठोस कार्रवाई होगी। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन किसानों के हित में आंदोलन को और तेज करेगा।

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