केन्द्र पाल, धनगर (DHANGAR) अनुसूचित जाति का व्यक्ति हूं। मेरा जाति प्रमाण पत्र शासन के तमाम शासनादेशों एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के आदेशों के बिपरीत संबंधित लेखपाल धर्मवीर और तहसीलदार बहेड़ी भानु प्रताप की गलत रिपोर्ट के आधार पर निरस्त किया गया था । जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने 29 जुलाई 2026 को बहाल कर दिया है।
यह मेरी एक बड़ी जीत है एवं लेखपाल धर्मवीर व तहसीलदार बहेड़ी भानु प्रताप के लिए दंड है।
भविष्य में उपरोक्त दोनों अधिकारी शासनादेशों के विपरीत कार्य करते हैं तो मुझे माननीय न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है कि यह दोनों अधिकारी अवश्य ही माननीय न्यायालय द्वारा पुनः दंडित किए जाएंगे।
मेरी मा0 योगी सरकार से भी अपील है कि इन दोनों अधिकारियों की गलत कार्य प्रणाली का संज्ञान अवश्य लिया जाए जिससे कि माननीय योगी सरकार की स्वच्छ छवि धूमिल ना हो सके।
Post a Comment